जबलपुर। मदनमहल रेलवे स्टेशन पर उस समय संवेदनशीलता का उदाहरण देखने को मिला, जब रेलवे पुलिस को एक 9 वर्षीय बालक अकेला बैठा हुआ मिला। बालक परेशान और उदास दिखाई दे रहा था। जीआरपी जवानों ने उससे बातचीत की तो पता चला कि वह घर में डांट पड़ने के बाद नाराज होकर बिना बताए घर से निकल आया था।
रेलवे पुलिस द्वारा बालक से नाम-पता पूछने पर उसकी पहचान अभिनेन्द्र विश्वकर्मा के रूप में हुई। जानकारी के आधार पर पुलिस ने तत्काल उसके परिजनों से संपर्क किया और उन्हें स्टेशन बुलाया। कुछ ही देर में परिवार के सदस्य वहां पहुंच गए, जिसके बाद बालक को सुरक्षित उनके हवाले कर दिया गया।
जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर नियमित निगरानी के दौरान बालक पर नजर पड़ी थी। समय रहते उसे सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया, जिससे वह किसी अनहोनी का शिकार होने से बच गया।
यह पूरी कार्रवाई रेल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई। अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य भटके हुए और लापता बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाना है।
बालक के परिजनों ने रेलवे पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बच्चा सकुशल वापस मिल सका। वहीं पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों की भावनाओं को समझने और उन पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।