जबलपुर - बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे की जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक जांच में विशेषज्ञों ने इस भीषण दुर्घटना के पीछे अचानक आए तेज तूफान और ‘मिनी-टॉरनेडो’ को मुख्य वजह बताया है। इसे एक दुर्लभ प्राकृतिक स्थिति माना जा रहा है।
30 सेकंड में डूबा क्रूज
जांच के मुताबिक हादसे के समय हवा की रफ्तार करीब 60 से 65 किमी/घंटा थी। तेज हवाओं के कारण विपरीत दिशाओं से ऊंची-ऊंची लहरें उठीं, जिसने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया। देखते ही देखते क्रूज महज 30 सेकंड के भीतर पानी में समा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी बताया कि उन्होंने पहले कभी इतनी खतरनाक लहरें नहीं देखीं।
मेंटेनेंस में नहीं मिली बड़ी कमी
फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (FRP) से बना यह क्रूज देश के सुरक्षित क्रूजों में गिना जाता था। इसे करीब 19 साल पहले खरीदा गया था और इसकी कुल उम्र लगभग 30 साल मानी जाती है।
हर साल इसका सामान्य रखरखाव किया जाता था
हर 9–10 साल में बड़ा परीक्षण होता है
आखिरी बार जुलाई 2024 में इसे पानी से बाहर निकालकर पूरी जांच की गई थी
इसके बावजूद तेज तूफान के आगे यह टिक नहीं सका।
चेतावनी सिस्टम की कमी बनी वजह
जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज में मौसम की पूर्व चेतावनी देने वाला कोई सिस्टम नहीं था। अगर ऐसी सुविधा होती, तो शायद समय रहते सतर्कता बरती जा सकती थी।
पानी निकालने का सिस्टम भी हुआ फेल
हादसे के दौरान क्रूज में लगा मोटर पंप पानी बाहर निकालने के लिए मौजूद था, लेकिन तेज लहरों के कारण क्रूज का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। नुकसान इतना ज्यादा था कि पंप चलाने का मौका ही नहीं मिला और पूरा सिस्टम फेल हो गया।
फिलहाल जांच दल सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।