जबलपुर: मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के शक्ति भवन मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो कर्मचारी अपने काम में रुचि नहीं लेंगे या जिनके कार्यों में लापरवाही मिलेगी, उन्हें तुरंत फील्ड में स्थानांतरित किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कंपनी प्रशासन अब मुख्यालय में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करेगा, जिनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। शिकायत मिलने या काम के प्रति समर्पण की कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन क्षेत्रों में कर्मचारियों की आवश्यकता अधिक है, वहां इन कर्मियों की तैनाती कर सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों के कौशल विकास पर जोर
समीक्षा बैठक में मानव संसाधन और प्रशासन विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रबंध संचालक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी क्षमता का सही आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को केवल सीमित कार्यों तक न रखा जाए, बल्कि उनकी योग्यता के अनुसार जिम्मेदारियां दी जाएं।
उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य इन युवाओं की बेहतर कैरियर प्लानिंग करना है, ताकि वे भविष्य में बड़े पदों और प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए तैयार हो सकें। इसके लिए कौशल विकास और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर दिया जाएगा।
रोटेशन प्रणाली से मिलेगा नया अनुभव
प्रबंध संचालक ने आउटसोर्स कर्मचारियों को अलग-अलग प्रभागों में रोटेशन के आधार पर काम देने की बात कही। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों को कंपनी की विभिन्न कार्य प्रणालियों की जानकारी मिलेगी और तकनीकी अनुभव बढ़ेगा।
उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे नौकरी के साथ-साथ उच्च शिक्षा और तकनीकी डिग्री हासिल करने पर भी ध्यान दें। कंपनी के सकारात्मक माहौल का लाभ उठाकर कई युवा पहले भी बड़ी कंपनियों में स्थान बना चुके हैं।
नई तकनीक और एआई अपनाने पर जोर
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी चर्चा की गई। मुख्य अभियंता धीरेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सुनील तिवारी ने कहा कि बदलते समय के साथ विभाग को नई तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने वरिष्ठ कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने अनुभव और कार्यकुशलता को नई पीढ़ी के साथ साझा करें, ताकि कार्य संस्कृति में सुधार आए और कंपनी अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा कर सके।
बैठक में साफ संदेश दिया गया कि कंपनी में अनुशासन, जवाबदेही और समर्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।