जबलपुर। बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद लापता चार लोगों की तलाश आज फिर शुरू कर दी गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तेज हवा और ऊंची लहरों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मौसम की खराब स्थिति के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है, लेकिन टीमें लगातार प्रयास में जुटी हुई हैं। मौके पर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ा दिया गया है ताकि लापता लोगों का जल्द पता लगाया जा सके। तेज हवाओं के कारण छोटी नावों को बीच-बीच में रोका जा रहा है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभियान सावधानी से चलाया जा रहा है। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि घटना स्थल पथरीला क्षेत्र है और यहां मगरमच्छ नहीं पाए जाते, क्योंकि वे आमतौर पर कीचड़ वाले इलाकों में रहते हैं।
हादसे को 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक 3 बच्चों सहित 4 लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। अब सर्चिंग के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा और पानी में जाल बिछाकर तलाश तेज की जाएगी, ताकि शवों को खोजने में मदद मिल सके।
इधर, हादसे में मृतकों के शवों को तमिलनाडु भेजने में भी दिक्कत आई। जबलपुर से त्रिचि जाने वाले एक कार्गो विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण शवों को दूसरे विमान से 10 वर्षीय बच्चे और उसके मामा के साथ भेजा गया, जबकि अन्य को दूसरी फ्लाइट से भेजने की तैयारी की जा रही है।
एमपी टूरिज्म बोर्ड के एडवाइजर कमांडेंट राजेंद्र निगम ने बताया कि डैम में उठ रही लहरें समुद्र जैसी थीं, जिससे क्रूज संतुलन नहीं बना पाया। उन्होंने कहा कि भविष्य में तेज हवा के दौरान नाव संचालन पर रोक लगाने के लिए नई एडवाइजरी जारी करने की योजना बनाई जा रही है।