जबलपुर। संस्कारधानी की जीवनरेखा मां नर्मदा के प्रमुख तट गौरीघाट को अब एक नई दिशा देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार के नेतृत्व में यहां स्वच्छता के साथ-साथ भिक्षावृति को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। निगम द्वारा किए गए सर्वे में 367 भिक्षुक चिन्हित किए गए थे, जिनमें से करीब 85 प्रतिशत को दूसरे स्थानों पर पुनर्वासित किया जा चुका है। बाकी लोगों को भी जल्द ही मुख्यधारा से जोड़ने और रोजगार दिलाने की योजना पर काम चल रहा है, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
दुकानदार बनेंगे स्वच्छता प्रहरी
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने घाट की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और दुकानदारों से बातचीत कर उनकी राय जानी। इसके साथ ही एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत गौरीघाट के सभी दुकानदार अब “स्वच्छता प्रहरी” की भूमिका निभाएंगे। वे अपनी दुकानों के आसपास सफाई बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं को भी गंदगी न फैलाने के लिए जागरूक करेंगे।
नाव संचालन में सुरक्षा पर जोर, सख्त निर्देश जारी
बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद नगर निगम ने सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। निगमायुक्त टीम के साथ गौरीघाट पहुंचे और नाविकों से चर्चा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। नाविकों ने सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध होने की बात कही और सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने का भरोसा दिया। निगम ने साफ निर्देश दिए हैं कि बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही श्रद्धालुओं से भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक नौकाविहार से बचने की अपील की गई है।