जबलपुर। ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद रविवार को विवाद की स्थिति बन गई। सूचना पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और हंगामा किया। मामला बढ़ता देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
जानकारी के अनुसार, कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि क्षेत्र के एक मकान में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र कर प्रार्थना कराई जा रही है और उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि धार्मिक साहित्य, किताब और बाइबल के माध्यम से लोगों को प्रार्थना कराई जा रही थी। इस पर आपत्ति जताते हुए कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही ग्वारीघाट पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराया। पुलिस ने मौके से एक रजिस्टर, जिसमें प्रार्थना लिखी हुई थी, और एक बाइबल सहित अन्य सामग्री जब्त की है। साथ ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सीएसपी ग्वारीघाट ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक महिला द्वारा लोगों को एकत्रित कर प्रार्थना कराई जा रही थी। कुछ लोगों को कथित रूप से लालच देकर बुलाया गया था और उन्हें एक विशेष धर्म की शिक्षाएं देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इस आधार पर मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
वहीं विश्व हिंदू परिषद के नेता रमेश तिवारी का कहना है कि उनकी समरसता यात्रा के दौरान जब वे एक स्थान पर रुके, तब वहां मौजूद लोगों ने उनकी गतिविधियों पर आपत्ति जताई। इसके बाद विवाद बढ़ा और हंगामे की स्थिति बन गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और बच्चों को इकट्ठा कर धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
