जबलपुर। नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने प्रभावशाली भागीदारी दर्ज कराई। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का उद्देश्य देश को ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में काम करना है।
गुरुवार को प्रदेश के ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने कार्यक्रम में पहुंचकर विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न बिजली कंपनियों की पहल और उपलब्धियों को सराहा और अधिकारियों से भविष्य की योजनाओं पर चर्चा भी की।
तकनीक और डिजिटल सेवाओं पर खास फोकस
प्रदर्शनी में प्रदेश के पावर सेक्टर में हो रहे आधुनिक बदलावों को प्रमुखता से दिखाया गया। इसमें उपभोक्ताओं के लिए तैयार किए गए मोबाइल ऐप्स और डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ड्रोन निगरानी, सूचना तंत्र और आधुनिक सबस्टेशन जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं और उपभोक्ता हित में चल रही पहलों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया, जिससे आगंतुकों को राज्य की ऊर्जा व्यवस्था की प्रगति समझने का मौका मिला।
बिजली कंपनियों की संयुक्त भागीदारी
इस आयोजन में प्रदेश की विभिन्न बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण कंपनियों ने मिलकर भाग लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश में बिजली से जुड़ी व्यवस्थाओं और सुधारों की विस्तृत जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्रियों ने किया उद्घाटन
समिट का शुभारंभ केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने किया। इस मौके पर प्रह्लाद जोशी, श्रीपद नाइक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों और छात्रों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने मध्य प्रदेश की प्रदर्शनी देखी और राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना की।