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होली दहन के समय को लेकर असमंजस, पुलिस और पंडितों के अलग-अलग मत

 

होली को लेकर इस बार फिल्म शोले का गब्बर का डायलॉग सही साबित हो रहा है  होली कब है .......

जबलपुर। इस बार होली को लेकर शहर में समय को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोगों के बीच मजाक में फिल्म Sholay के गब्बर का मशहूर डायलॉग “होली कब है…” भी चर्चा में है। पहले लोग तारीख को लेकर उलझन में थे, अब सवाल उठ रहा है कि होलिका दहन आखिर किस समय किया जाए।

पुलिस ने तय की समय सीमा

पुलिस प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि शहर में होलिका दहन रात 10 बजे से पहले कर लिया जाए, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।



मुहूर्त को लेकर पंडितों की राय

वहीं ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार रात 12 बजे से पहले भद्राकाल का समय है, जिसे होलिका दहन के लिए अशुभ माना जाता है। ऐसे में कई लोग दुविधा में हैं कि प्रशासन की समय सीमा मानें या धार्मिक मुहूर्त।

हिंदू संगठनों ने उठाए सवाल

कुछ हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस का मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है। उनका तर्क है कि जब नववर्ष जैसे आयोजनों में देर रात तक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाती है, तो होली जैसे धार्मिक पर्व पर समय की सख्ती क्यों की जा रही है।

फिलहाल प्रशासन और धार्मिक प्रतिनिधियों के बीच समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि शांति और परंपरा दोनों का सम्मान बना रहे।

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