भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने लंबे इंतजार के बाद रविवार (29 मार्च) को नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) की नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश की 123 नगर परिषदों में ये नियुक्तियां की गई हैं।
यह आदेश मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 19 (1) (ग) के तहत जारी किया गया है। नवनियुक्त एल्डरमैन का कार्यकाल संबंधित नगर परिषद के कार्यकाल तक या आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रत्येक नगर परिषद में अधिकतम 4 मनोनीत पार्षद नियुक्त किए गए हैं।
25 जिलों की पहली सूची जारी
सरकार ने जिन 25 जिलों की पहली सूची जारी की है, उनमें सागर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं।
कुछ प्रमुख नगर परिषदों की नियुक्तियां
कटनी जिले के कैमोर, बरही और विजयराघवगढ़ में 4-4 पार्षद नियुक्त किए गए हैं। डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट और सिवनी जिलों की कई नगर परिषदों में भी नाम घोषित किए गए हैं।
छिंदवाड़ा जिले की हर्रई, चांद, बिछुआ, चांदामेटा, बड़कुही और न्यूटन चिखली नगर परिषदों में भी मनोनीत पार्षद नियुक्त किए गए हैं।
इसी तरह रीवा, शहडोल, उमरिया, सागर, बैतूल और खरगोन सहित अन्य जिलों की नगर परिषदों में भी एल्डरमैन के नाम घोषित कर दिए गए हैं।
स्थानीय राजनीति में बढ़ेगी सक्रियता
इन नियुक्तियों के बाद स्थानीय निकायों में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। माना जा रहा है कि इससे नगर परिषदों के कामकाज में संतुलन और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।