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बंधक प्लॉट बेचने और किराया हड़पने के मामले में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई



जबलपुर-  शासन के पास बंधक रखे 35 प्लॉट को धोखाधड़ी कर बेचने वाले डेवलपर और ग्रामीण विकास विभाग कार्यालय की उपयंत्री पर ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर को शिकायत मिली थी कि जबलपुर स्थित ड्रीमलैण्ड सिटी के डेवलपर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों की मिलिभगत से कॉलोनी वासियों को मूलभूत सेवाओं से वंचित रखने का आरोप लगाए गए थे। शिकायत जांच पर पाया गया ड्रीमलैण्ड सिटी कॉलोनीवासियों द्वारा जिला कलेक्टर जबलपुर को भी जनसुनवाई के दौरान शिकायत की अनुविभागीय अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी, कॉलोनी सेल द्वारा की गई थी। जिसमें उनके द्वारा ड्रीमलेण्ड सिटी कठौंदा, रिमझा में मूलभूत सुविधाए उपलब्ध नहीं होने की बात पाई थी तथा अपना प्रतिवेदन आयुक्त नगर पालिक निगम को प्रस्तुत किया था। 

अर्चना दुबे द्वारा प्रस्तुत मौका निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व द्वारा अनापति प्रमाणपत्र जारी किया गया। तत्कालीन इंजीनियर द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उसके द्वारा बाबा रामदेव डेवलपर को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। उक्त दोनों फेस में बिजली की लाइन लगी थी और न ही कोई ट्रांसफार्मर था। गणेश विठ्ठल दास द्वारा मौका निरीक्षणकर्ता अधिकारी, अर्चना दुबे, उपयंत्री के साथ आपराधिक षड़यंत्र रचकर व उपयंत्री द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अविकसित कॉलोनी की गलत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर, शासन के पास बंधक में रखे गए 35 भूखण्ड विक्रय कर शासन के विरुद्ध बेइमानीपूर्वक कृत्य किया जाना प्रमाणित पाया गया। आरोपीगण के इस कृत्य से भूखण्ड क्रय करने वाले तथा ड्रीमलैण्ड कॉलोनी वासियों को बिना स्थाई बिजली कनेक्शन के रहना पड़ रहा है। इस कृत्य और षड़यंत्र के कारण इस कॉलोनी के लगभग 400 मकानों में निवास कर रहे परिवार 10 वर्षों से जल बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

 शिकायत पर आरोपी प्रोपराइटर रामदेव डेवलपर गणेश विठ्ठल और ग्रामीण विकास विभाग कार्यालय उपयंत्री अर्चना दुबे पर कार्रवाई की गई। महिला से 17 लाख रु. की धोखाधडी करने वाले आरोपी पर मामला दर्ज 

दूसरा मामला  

 बैंक में गलत जानकारी पेश कर महिला के हक के किराए के 17 लाख रुपए हड़पने वाले आरोपी पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि नयागांव हाउसिंग सोसाइटी रामपुर निवासी वनीता गुलाटी ने शिकायत की थी कि उसके हक के बैंक परिसर के किराए के 17 लाख रुपए गुरविंदर सिंह साहनी और अन्य ने हड़प लिए हैं। जिसके बाद मामले को जांच में लिया गया। जांच में पाया कि वनिता गुलाटी और गुरुविंदर सिंह के शामिल मालिकाना हक के भवन को बैंक ऑफ इंडिया के नेपियर टाउन शाखा किराए पर लिया गया था। बैंक और भवन के मालिकों के बीच किरायानामा के मुताबिक मालिकों के हक का किराया निश्चत था, गुरुविंदर सिंह ने सन् 2022 में बैंक ऑफ इंडिया को इस संपत्ति का पूर्ण मालिक बताकर एक क्षतिपूर्ति बॉण्ड प्रस्तुत किया और धोखाधड़ी करते हुए वनिता गुलाटी के हक के लगभग 17 लाख रुपए किराया राशि बैंक से प्राप्त कर ली।

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