जबलपुर। आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई ट्रेनों पर पथराव की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए की है। जबलपुर–कटनी रेलखंड के शोभापुर और सतपुला क्षेत्र में आरपीएफ ने 10 नाबालिग लड़कों को पकड़ा, जो ट्रेन आने के समय रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रील बना रहे थे और शर्त लगाकर चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक रहे थे। यह कार्रवाई गुरुवार और शुक्रवार को की गई।
आरपीएफ की सघन सर्चिंग के दौरान ये लड़के संदिग्ध हालत में ट्रैक के पास खड़े मिले। जांच में सामने आया कि कुछ लड़के हाथों में पत्थर लिए थे, जबकि अन्य मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि मौज-मस्ती के लिए वे शर्त लगाते थे कि किसका पत्थर ट्रेन के किस डिब्बे में लगेगा। एसी कोच के कांच पर पत्थर लगने को जीत माना जाता था और इन वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाता था।
आरपीएफ के अनुसार वर्ष 2025 में ट्रेनों पर पथराव की 25 घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें कई बार शराब की बोतलें भी फेंकी गईं। इसी को देखते हुए ‘ऑपरेशन दोस्ती’ के तहत यह कार्रवाई की गई। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने सभी नाबालिगों के परिजनों को थाने बुलाकर अंतिम चेतावनी दी और समझाइश दी कि इस तरह की हरकतें कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती हैं। ट्रेन के सामने ट्रैक पर खड़े होकर रील बनाना जानलेवा साबित हो सकता है।
परिजनों ने माफी मांगते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में बच्चे दोबारा रेलवे ट्रैक के आसपास नजर नहीं आएंगे। आरपीएफ ने बस्तियों में जाकर भी लोगों को जागरूक किया और बच्चों को ऐसे खतरनाक स्टंट से दूर रखने की अपील की। संदेश साफ है—थोड़ी सी लापरवाही, बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।