जबलपुर। अधारताल के कुदवारी में एक मकान की फर्जी पावर ऑफ अर्टनी बनाकर जालसाजों ने बीस लाख का लोन ले लिया। इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब मकान मालिक को नोटिस मिला कि उस पर कर्ज है। आरोपियों से पूछताछ करने के बाद यह मामला पुलिस को सौंपा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना जारी की है।
अधारताल पुलिस ने बताया कि गोहलपुर निवासी मोहम्मद शमीम मंसूरी ने शिकायत की है कि उसका भवन कुदवारी, महाराजपुर में है। यह भूमि रईस अहमद अंसारी से 2020 में उसने अपने व पत्नी शबीना मंसूरी के नाम क्रय कर रजिस्ट्री कराई थी। पैसों की आवश्यकता होने पर मकान बेचने का विचार किया और अपने दोस्त पटेल नगर निवासी बलवीर यादव से मकान बेचने के संबंध मे चर्चा की थी। तब उन्होने रोहित यादव से मिलवाया। 30,00000/- रूपये मे मकान बेचने के लिये रोहित यादव ने मोहित तिवारी से बात कराई और सौदा तय हो गया। सौदा होने के बाद रोहित यादव को अपने मकान की रजिस्ट्री की छायाप्रति जनवरी 2023 मे दी थी। रोहित ने उसका एवं पत्नी का पेन कार्ड, आधार कार्ड एवं नक्शा खसरा की नकल देने के लिये बोला, तब रोहित के व्हाट्सअप पर कागजात भेज दिए थे। रोहित और मोहित ने आश्वासन दिया कि 15 दिनो मे आपका काम हो जायेगा। मोहित ने रोहित यादव के माध्यम से 5,00000/- रूपये का एचडीएफसी बैंक का चैक दिया था और कहा था कि जब मैं बोलूंगा तब लगा देना। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई काम नही हुआ तब मैं बार बार रोहित यादव से फोन पर संपर्क करता रहा, आज कल मे काम हो जाने का आश्वासन देते रहे।
18 जुलाई 24 को मेरे उक्त मकान मे नवीन कुमार तिवारी एवं छाया तिवारी के नाम से सेंट्रम हाउसिंग फायनेंस कंपनी का नोटिस चस्पा किया गया, जिसमे 22,86,029/- रूपये की लोन राशि का रिकवरी करना लेख था। सेंट्रम हाउसिंग फायनेंस कंपनी से जानकारी ली तो पता चला कि प्रकाश नामदेव ने उसके नाम से मुख्तयारनामा (पावर आफ अटार्नी) तैयार कर नवीन तिवारी के नाम से उसके मकान की रजिस्ट्री की गयी है। रजिस्ट्री पर से नवीन तिवारी ने 22,86,029/- रूपये का लोन प्राप्त किया है।
पुलिस ने बताया कि बैंक में संपर्क करने मैनेजर से चर्चा उपरांत कम्प्यूटर ओपन कर उसे उसके भवन की फोटो दिखाई एवं आधारकार्ड, पेन कार्ड उसका एवं उसकी पत्नी का दिखाया लेकिन फोटो किसी अन्य पुरुष एवं महिला की लगी हुई है। हस्ताक्षर भी पति-पत्नी के नही है। शिकायत पर पुलिस ने शमीम मंसूरी से दस्तावेज लेकर उक्त दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कुटरचित दस्तावेज तैयार कर एक राय होकर रोहित यादव, मोहित तिवारी, प्रकाश नामदेव एवं नवीन तिवारी द्वारा लाभांश प्राप्त कर छल के प्रयोजन से धोखाधड़ी करना पाये जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।