बालाघाट: मध्य प्रदेश के जरामोहगांव में बुधवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक पिता और उसके दो मासूम बच्चों के शव कुएं में मिले। बच्चों के शव पिता के शरीर से गमछे में बंधे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार श्याम नागेन्द्र पुत्र भागवत गांव में एलआईसी एजेंट के रूप में काम करता था। मृतकों में उसका 5 वर्षीय बेटा वंश और 3 वर्षीय बेटी भूरि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि श्याम मंगलवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच दोनों बच्चों को साथ लेकर घर से निकला था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई, लेकिन गांव में दो शादियां होने के कारण उन्होंने सोचा कि वह बच्चों को लेकर शादी समारोह में गया होगा।
बाइक और चप्पल मिलने पर बढ़ी आशंका
काफी देर बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव के पट मैदान के पास श्याम की बाइक खड़ी मिली, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने भी सर्च अभियान शुरू किया। कुछ दूरी पर बिना मुंडेर वाले कुएं के पास उसकी चप्पलें मिलीं। बुधवार सुबह उसी कुएं में तीनों के शव तैरते हुए दिखाई दिए।
ग्रामीणों की मदद से निकाले गए शव
घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस और ग्रामीणों ने खाट की मदद से कुएं से शव बाहर निकाले। बच्चों के शव गमछे से बंधे हुए थे, जिसे देखकर लोग भावुक हो उठे।
जानकारी के मुताबिक श्याम पहले सहारा बैंक में कंप्यूटर ऑपरेटर था। कंपनी बंद होने के बाद वह एलआईसी एजेंट के रूप में काम कर रहा था। फिलहाल बच्चों के साथ आत्महत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
इंस्टाग्राम स्टोरी भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर “जीने की आरजू नहीं” लिखकर स्टोरी लगाई थी। उसने एक भावुक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें लिखा था — “नहीं है जिंदा रहने की आरजू, नहीं चाहिए कोई वादा या रिश्ता।” पुलिस अब सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है।
विकास सिंह ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।