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ईको हार्वेस्ट बायो फ्यूल प्लांट में भीषण आग, कटनी, मझौली, सिहोरा, पनागर से पहुंचे दमकल वाहन, करोड़ों रुपए का नुकसान

 



जबलपुर - गोसलपुर स्थित ईको हार्वेस्ट बायो फ्यूल्स प्लांट में शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की गाडिय़ां मौके पर जुटी रहीं।


                                   बताया गया है कि संध्या राय व ममता जैन के ईको हार्वेस्ट बायो फ्यूल प्लांट में गेहूं की नरवाई से रोल गट्टे तैयार किए जाते हैं। प्लांट परिसर में बड़ी मात्रा में नरवाई से बने गट्टे खुले में रखे हुए थे, जिनमें अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और करोड़ों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। जिस स्थान पर प्लांट स्थित है, उसके पास ही पेट्रोल पंप और गैस गोदाम भी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ मीटर और फैल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही कटनी, जबलपुर, सिहोरा, पनागर और मझौली से दमकल विभाग के वाहन और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। देर रात तक पुलिस और प्रशासन का अमला भी मौके पर मौजूद रहा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्लांट के बाहर खुले में रखे गेहूं की नरवाई के गठ्ठे देखते ही देखते जलकर खाक हो गए। आग धीरे-धीरे वेयरहाउस तक पहुंच गई, जहां प्लांट में मशीनों से तैयार किए गए प्लेट्स भी जल गए। इससे मशीनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्लांट के चारों ओर करीब 10 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल और उसके ऊपर इरिगेशन ड्रिप सिस्टम होना चाहिए था, लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं मिली। जिस स्थान पर नरवाई के गठ्ठे रखे गए थे, उसके ऊपर से विद्युत केबल लाइन भी गुजर रही थी, जिसे सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी माना जा रहा है। घटना के समय प्लांट में आग से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। वहां न तो रेत से भरी बाल्टियां मौजूद थीं और न ही वाटर कैनन सिस्टम उपलब्ध था। बताया जा रहा है कि प्लांट में कोई साइट इंजीनियर भी तैनात नहीं था और अप्रशिक्षित कर्मचारियों से काम कराया जा रहा था। प्लांट प्रबंधन की लापरवाही से हुए इस अग्निकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर सिहोरा एसडीएम ज्योति परस्ते, तहसीलदार रूपेश्वरी कुंजाम, एसडीओपी आदित्य सिंघारिया, टीआई गाजीवती कोसाम और नायब तहसीलदार जयभान सिंह उइके मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई की।


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