जबलपुर। नगर निगम में मंगलवार को सफाई और आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ। पूर्व विधायक विनय सक्सेना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जनसुनवाई कक्ष पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन पर आरोप लगाया कि अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से श्रमिकों का शोषण हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारियों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान नगर निगम आयुक्त के नाम सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें कहा गया कि ठेका पद्धति से काम कर रहे सफाई कर्मियों को जरूरी सुविधाएं जैसे झाड़ू, दस्ताने, मास्क और जूते तक नहीं दिए जा रहे हैं। सबसे बड़ा मुद्दा वेतन का बताया गया, जहां नियमों के विपरीत कर्मचारियों को केवल 250 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। साथ ही पीएफ और बीमा जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। एक कर्मचारी का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वह डेढ़ साल से भुगतान के लिए भटक रहा है।
विनय सक्सेना ने आरोप लगाया कि निगम ठेकेदार को 30 दिन का भुगतान करता है, लेकिन कर्मचारियों को केवल 26 दिन की मजदूरी दी जाती है। इस पर निगम प्रशासन ने तीन दिन के भीतर जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को भोपाल और दिल्ली तक ले जाया जाएगा। इस दौरान कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।