जबलपुर - रांझी स्थित विशेष सशस्त्र बल (SAF) छठी बटालियन में सामने आए करोड़ों के यात्रा भत्ता घोटाले के मुख्य आरोपी सत्यम शर्मा पर कार्रवाई का शिकंजा कसते ही वह रहस्यमयी तरीके से फरार हो गया है। जांच शुरू होने के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
निलंबन के बाद की शादी ने बढ़ाए सवाल
जांच शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही सत्यम शर्मा ने धूमधाम से शादी कर ली। एक फोटो भी सामने आया है, जिसमें वह अपनी नवविवाहिता के साथ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर उसके निलंबन के बाद की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कार्रवाई के बावजूद वह खुलेआम घूमता रहा।
छिंदवाड़ा में हुआ विवाह समारोह
छिंदवाड़ा निवासी सत्यम ने निलंबन से पहले ही शादी के कार्ड बांट दिए थे। 12 नवंबर को निलंबन के बाद वह फरार हो गया और 23 नवंबर को छिंदवाड़ा में ही विवाह समारोह आयोजित करने की जानकारी सामने आई है।
परिवार का पुलिस में रहा प्रभाव
आरोपी का परिवार पहले से पुलिस विभाग में प्रभावशाली रहा है। उसके पिता और दादा पुलिस सेवा में रह चुके हैं। इसके अलावा परिवार का ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार भी बताया जा रहा है। वर्ष 2018 में अनुकंपा नियुक्ति के तहत उसे SAF की छठी बटालियन में लिपिक पद मिला था।
जांच के बीच गायब, पुलिस पर सवाल
घोटाले का खुलासा होने तक वह यात्रा भत्ता शाखा में कार्यरत था। जांच के आदेश मिलते ही उसका अचानक गायब हो जाना कई संदेह पैदा कर रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी न होना रांझी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी का प्रभाव ही उसकी गिरफ्तारी में बाधा बन रहा है। घोटाले के बाद भी वह बारात लेकर अन्य जिलों तक पहुंचा और शादी समारोह आयोजित करने में सफल रहा। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।