जबलपुर। जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर कुंडम थाना क्षेत्र के ग्राम बिसनपुरा में गला काटकर की गई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतक के भांजे सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात जादू-टोना के शक के चलते की गई थी।
उल्लेखनीय है कि 6 मार्च की शाम गांव के बाहर 50 वर्षीय भूरालाल यादव का शव सिर से अलग हालत में मिला था। सूचना मिलने पर कुंडम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सिर कटी लाश मिलने से फैली सनसनी
बताया जाता है कि 6 मार्च की शाम गांव के कुछ ग्रामीण टहलने निकले थे। इसी दौरान उन्हें गांव के बाहर एक शव पड़ा दिखाई दिया, जिसका सिर और धड़ अलग-अलग थे। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना कुंडम थाना प्रभारी सतीश अंधवान को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में शव की पहचान गांव के ही भूरालाल यादव (50) के रूप में हुई।
परिजनों के अनुसार भूरालाल खेती के साथ आसपास के क्षेत्रों में झाड़-फूंक और जादू-टोना करने का काम भी करता था।
दो दिन से लापता थे भूरालाल
मृतक के भाई नन्हेलाल ने पुलिस को बताया कि भूरालाल 4 मार्च की दोपहर खाना खाने के बाद घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी आसपास के गांवों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन बाद ग्रामीणों से शव मिलने की सूचना मिली।
नन्हेलाल ने पुलिस को यह भी बताया कि 4 मार्च की शाम गांव के ही पिट्टी उर्फ संत कुमार, जो रिश्ते में भांजा लगता है, और मधु शाह से भूरालाल का विवाद हुआ था। संत कुमार को शक था कि उसके परिवार की परेशानियों के पीछे भूरालाल का जादू-टोना है। इसी बात को लेकर दोनों ने भूरालाल को जान से मारने की धमकी दी थी।
घात लगाकर किया हमला
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन भूरालाल अपने थैले में झाड़-फूंक का सामान लेकर दूसरे गांव जा रहे थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गले पर किए गए वार से उनका सिर धड़ से अलग हो गया। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
डेम के पास से पकड़े गए आरोपी
कुंडम थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की। शनिवार सुबह पुलिस ने पिट्टी उर्फ संत कुमार और मधु शाह को डेम के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भूरालाल यादव झाड़-फूंक और जादू-टोना करते थे। कुछ लोग उनसे इलाज कराते थे, जबकि कुछ लोगों को इस पर संदेह था। इसी अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद के चलते आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।