मुंबई। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की आशंका से गुरुवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक यानी 1.48% टूटकर 82,498.14 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 365 अंक यानी 1.41% गिरकर 25,454.35 पर आ गया। दिनभर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे।
तेल की कीमतों में उछाल, ग्लोबल संकेत कमजोर
अमेरिका-ईरान तनाव के चलते क्रूड ऑयल 71 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी, पावर, ऑटो और यूटिलिटी शेयरों में दर्ज की गई।
निफ्टी बैंक 811 अंक फिसलकर 60,740 पर और मिडकैप इंडेक्स 956 अंक गिरकर 59,228 पर बंद हुआ।
निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 464.46 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 472.01 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों की संपत्ति में करीब 7.57 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
टॉप लूजर्स कौन रहे
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
-
InterGlobe Aviation (इंडिगो) का शेयर 3.23% गिरकर टॉप लूजर रहा।
-
Mahindra & Mahindra, UltraTech Cement, Trent और Bharat Electronics Limited में 2.70% से 2.97% तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाज़ार का व्यापक हाल
Bombay Stock Exchange पर कुल 4,367 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,243 शेयर बढ़त के साथ, 1,952 गिरावट के साथ और 188 शेयर सपाट बंद हुए।
110 शेयरों ने 52-हफ्ते का नया उच्च स्तर छुआ, जबकि 146 शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।