जबलपुर। नर्मदा नदी में सीवेज का पानी मिलने और उसी पानी की सप्लाई शहर में किए जाने के आरोपों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं, वहीं गंदे पानी की सप्लाई का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि जबलपुर के ग्वारीघाट क्षेत्र में सीवेज का पानी सीधे नर्मदा नदी में मिल रहा है। सीवेज टैंक में कोई प्रभावी फिल्टर सिस्टम नहीं है।
दिग्विजय सिंह के बताया की दूषित पानी करीब 500 मीटर दूर स्थित ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट तक पहुंच रहा है, जहां से जबलपुर शहर को पानी की सप्लाई की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो शहर में बड़ा हादसा हो सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
जबलपुर निवासी अधिवक्ता ओपी यादव ने इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में जबलपुर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, महापौर और प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है।
