एएसपी शहर से की शिकायत, साइबर सेल को सौंपी जांच, एसबीआई के नाम से भेजा लिंक
जबलपुर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के महाकौशल से जुड़े सैकड़ों वाट्सएप ग्रुप को निशाना बनाते हुए बुधों को हैक कर लिया गया। यह देखते ही सदस्यों में हड़कम्प मच गया। इसके बाद वह सभी एक दूसरे को फोन कर पता करने लगे, जिसमें पता चला कि ऐसे सैकड़ों लोग है, जिनके वाट्सएप हैक हुए है और ग्रुप के नाम बदल गए है। बुधवार को सभी सदस्य एसपी कार्यालय पहुंचे और एएसपी शहर आयुष गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने की मांर की है। वहीं मामले की जांच सीएसपी अंजुल अयंक मित्रा को सौंपी गई है, जो साइबर के भी प्रभारी है। मामले की जांच के बाद मामला स्पष्ट हो पाएगा।
सीएसपी अंजुल अर्थक मिश्रा ने बताया कि किसी ग्रुप में एक हैक करने वाले एपीके फाईल डाली गई, वह फाइल एसबीआई यूनों के नाम से डाली गई थी, वहीं फर्जी फाइल थी, इसके बाद किसी सदस्य ने लिंक को क्लिक कर दिया, जिसके बाद उस सदस्य के नंबर के साथ ही उनके साथ जुड़े अन्य सदस्यों के भी वाट्सएप ग्रुप हैक हो गए, जिसके बाद आरोपी ने उन सभी सदस्यों के हुपों के फोटो और नाम बदल दिए। इसके बाद उनके जितने भी साथी थे, उन सभी को मेसेज कर दिए गए, जिससे अन्य लोगों के भी वाट्सएप के फोटो और नाम बदल गए। इस मामले की शिकायत मिलने पर उसकी जांच की जा रही
बताया जा रहा है कि विहिप के अलग अलर जिलों में कई ग्रुप बने हुए हैं, जिनमें संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता जुड़े रहते हैं। इन गुप्स में कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों की जानकारी साझा की जाती है। अचानक ही इन ग्रुप्स का नाम और सेटी गायब हो गए और उनकी जगह एसबीआई लिखा दिखाई देन लगा। जब ग्रुप खोला गया तो उसमें कई संदिग्ध लिंकार आए, जिससे ठगी की आशंका भी जताई जा रही है।
विहिप पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद महाकौशल और अन्य जिला के नाम वाले ग्रुप अचानक बदल दिए गए। संगठन को फोटो हट गई और एसबीआई लिखा आने लगा। हमारे कई कार्यकर्ता इन गुप्स में पहले से जुड़े थे, लेकिन अचानक कई नए नंचर जुड़ गए और कुछ अजात लोगों को एडमिन भी बना दिया गया। घटना के बाद विहिप कार्यकर्ता एक-दूसरे को सतर्क कर रहे हैं और ऐसे किसी भी लिंक या ग्रुप का उपयोग न करने की अपील कर रहे हैं।
लिंक में क्लिक से खुल रहे है विज्ञापन
पंकज कुमार के मुताबिक लगातार कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे है कि ग्रुप में संगठन से जुड़े संदेशों के अलावा संदिग्ख तिक भेजी जा रही हैं। कुछ लोगों ने जब इन लिंक्स को खोला तो अलग-अलग विज्ञापन खुलने लगे। इसके बाद संगठन ने सभी कार्यकर्ताओं को अलर्ट करते हुए अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक को न खोलें और न ही क्लिक करें।
माइबर फॉड की जानकारी रखने वाले कार्यकर्ताओं ने तुरंत समझ लिया कि ग्रुप हैक हो चुका है और उन्होंने ग्रुप में संदेश डालकर सभी साथियों को सावधान किया कि कोई भी लिंक क्लिक न करें और ऐसे ग्रुप से तुरंत बाहर निकल जाए, क्योंकि लिंक खोलते ही कोई और ही पेज खुल रहा है।
सभी को अलर्ट रहने की अपील
साइबर ठगों से बचाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस लगातार लागरों को जागरूक कर रही है। एएसपी आयुष गुप्ता ने बताया कि ठन सोशल मीडिया के माध्यम से पहले फाजी ग्रुप बनाते हे या मौजूद्र ग्रुप का नाम बदलते हैं फिर उसमें मैसेज और लिंक भेजकर लोगों को फंसाते हैं।
