जबलपुर। ईओडब्ल्यू ने मंडला जिले की पंचायत वेलखेड़ी के सरपंच, सचिव पर रूपए गबन करने और छिंदवाड़ा में वन अधिकारियों पर फर्जी भुगतान करने पर मामला दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर को ग्रामवासियों द्वारा ग्राम पंचायत बेलखेड़ी में पदस्थ तत्कालीन सरपंच नीरन सिंह काकोडिया एवं सचिव मिथलेश उददे के द्वारा ग्राम बेलखेड़ी एवं ग्राम बीरमपुर में होने वाले विकास कार्यों में अनुचित रूप से विना कार्य कराए राशि आहरण करने की शिकायत की गई थी।
शिकायत की जांच पर पाया गया कि ग्राम पंचायत वेलखेडी में सन् 2014 से 2022 तक विभिन्न निर्माण कार्यों की राशि का शासन के द्वारा आंवटन किया गया था। इस दौरान बीरन सिंह काकोडिया सरपंच, मिथलेश उददे सचिव, ग्राम पंचायत वेलखेड़ी द्वारा फर्जी कार्य कागजों पर दिखाकर बिना निर्माण कार्य कराए 22,87,370 रुपए आहरण करके गबन करना पाया गया।
आरोपी सरपंच और सचिव के द्वारा अपने 6 वर्ष के कार्यकाल में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गांव में सी.सी. रोड, चौपाल सभा निर्माण, पुलिया एवं नाली निर्माण, पंचायत भवन मरम्मत के विभिन्न 9 प्रकार के कार्यों के लिए स्वीकृत उपरोक्त राशि को बिना कार्य कराए दोनों आरोपियों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर शासकीय राशि का आहरण कर गबन कर लिया।
ईओडब्ल्यू द्वारा मंडला जिले की पंचायत बेलखेड़ी के सरपंच और सचिव पर विना कार्य कराए 22,87,370/- रुपए का गणन करने के आरोप पर मामला दर्ज किया गया।
दूसरा मामला
वनपाल के पुत्र की कम्पनी को किए 30 लाख के फर्जी भुक्तान
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर को यह शिकायत मिली थी कि अनादि बुधोलिया उप वन मंडलाधिकारी परासिया, छिंदवाड़ा, कीर्ति बाला गुप्ता परिक्षेत्र अधिकारी, सांबरी रेंज, छिंदवाड़ा हीरालाल सनोड़िया वन परिक्षेत्र अधिकारी सांकरी रेज छिंदवाड़ा और वनपाल चेतराम चौवे के पुत्र सुशील चौबे ने आपसी साठगांठ कर कैम्पा योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों में फरिस्टर चेतराम के पुत्र सुशील चौवे को फर्जी मजदूर बताकर और इसी फजी मजदूर सुशील बौने की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन के खातों में निर्माण कार्य तथा बाउण्ड्रीवाल आदि निर्माण कार्यों की स्वीकृत राशि का आहरण कर फर्जी भुगतान किया तथा एक ही कार्य के लिए एक ही मजदूर को एक ही दिनांक में 2 बार भुगतान किया। अनाधि बुधोलिया अपने सेवाकाल के 19 वर्षों में से 17 वर्ष एक ही वन मण्डल में पदस्थ रहा है।
शिकायत की जांच पर पाया गया कि वन पाल के पुत्र सुशील चौवे को वन विभाग द्वारा 2,71,379 रुपए की मजदूरी का फजी भुगतान किया गया, साथ ही सुशील चौवे की अवनी कन्ट्रक्शन को कैम्पा व अन्य मद से कुल राशि 23.21,199/- रुपए का भुगतान वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त जांच में सांबरी परिक्षेत्र में बाउंड्री वाल निर्माण के लिए स्वीकृत 15 लाख रुपए में से 6,97,643/- रुपए के देवक पाए गए और शेष राशि का गबन कर लिया गया। उक्त कार्य विना स्वीकृति प्राप्त कर किए गए तथा स्वीकृति प्राप्त होने के पूर्व ही 2,22,176/- रुपए भुगतान किया गया। उपरोक्त भुगतान भंडार क्रय नियम व शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के विपरीत जाकर किया गया। साथ ही वन मण्डल परासिया द्वारा 4 कैमरे की डी.व्ही.आर व सी.सी.टी.वी कैमरा के लिए स्थानीय सप्लायर मेसर्स डिजिटल एक्स छिंदवाड़ा को कोटेशन से अधिक 52.534/- रुपए का भुगतान कार्य स्वीकृति के पूर्व ही वन विभाग परासिया के अधिकारियों द्वारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि आरोपी सुशील चौवे का पिता चेतराम चीयेचे उसी वन मण्डल में घटना समय फरिस्टर के पद पर पदस्य रहा है। उसी सरकारी अधिकारी के पुत्र को फती मजदूर के रूप में दिखाया जाकर 2,71.337/- रुपए का भुगतान कर दिया गया है। इसी क्रम में आश्चयजनक रूप से इसी फाजी मजदूर सुशील चौवे की रवयं की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन छिंदवाड़ा को कैम्पा योजना का 23. 21,199/-रुपए का भुगतान फार्म के छिंदवाड़ा स्थित ऐक्सिस बैंक के खाते में किया गया। जांच के दौरान पाया गया अवनी कंस्ट्रक्शन फर्म का नाम व्ही पदाय चेतराम जीवे की सुपुत्री अवनी के नाम पर रखा गया है और जनपाल का पुत्र सुशील चौवे उसे संञ्चालित करता है। यहाँ सुशील चौजे वन विभाग के निमर्माण कार्यों में मजदूर के रूप में दर्ज होकर मजदूरी नौ भी प्राप्त कर रहा था। यह फाजीवांड़ा सामान्य वन मंडल छिंदवाड़ा के परिक्षेत्र सांसी में ही लगातार चलता रहा है
