जबलपुर। ठंड में मटर की फसल आते ही औरिया में इसके व्यवसाय की तैयारी कर ली गई है। नियमित रूप व्यापारियों को दुकानें दिए जाने के बाद रविवार को 39 दुकानदारों को अस्थाई रूप से दुकानों की जगह दी जाएगी। यह कहना मंडी सचिव आर के सैय्याम का है। सैय्याम कहते हैं कि मंडी की दुकानों के आवंटन के बाद बचे हुए व्यापारियों को व्यापार करने के लिए तीन माह के लिए अस्थाई रूप से जगह आवंटित की जा रही है। इसमें ये व्यापारी उस जगह से मटर की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। यह आवंटन पूरी तरह निःशुल्क है। इन जगहों पर व्यापारी अस्थाई रूप से शेड या आड़ बना सकता है।
जानकार कहते हैं कि गत वर्ष भी मंडी की जगह तय होने के बाद मटर का व्यवसाय औरिया से किया गया था। इसमें अस्थाई रूप से व्यापारियों को जगह आवंटित की गई थी। इसमें व्यापारियों ने टेंट हाउस के पर्दे की आड़ बनाई थी, जिसमें मटर का व्यवसाय किया था। गौरतलब है कृषि उपज मंडी में मटर के सीजन में बढ़ते यातायात के दबाव को लेकर प्रशासन ने औरिया मंडी विकल्प बतौर शुरू की है। इसमें मंडी की दुकानों का निर्माण किया जा रहा है।
सैय्याम के मुताबिक कृषि उपज मंडी प्रांगण जबलपुर में रविवार को 11:00 बजे से जैविक हाट प्रारंभ किया जा रहा है। जैविक हाट प्रत्येक रविवार को सुबह 11:00 से अपराह्न 4.00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें स्वयं किसान अपने उत्पाद को लेकर उपलब्ध रहेंगे। इस हाट में गेहूं ,चना, उड़द दाल, मूंग दाल, अरहर दाल एवं चावल उपलब्ध रहेगा। साग सब्जी में पालक भाजी, लौकी ,सेम गाजर, टमाटर, बैगन और भी हरी सब्जियां किसान लेकर आएंगे। जबलपुर के कृषक उन्नत किस्म के अमरुद अनार, पपीता, आंवला जैसे फल भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएंगे।