बालाघाट कोर्ट परिसर में सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब स्टाम्प वेंडर बैठक कक्ष के सामने एक व्यक्ति का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान नारायण भंडारी के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, 56 वर्षीय नारायण भंडारी खाना बनाने का काम करते थे। वे दो दिन पहले किसी काम से बालाघाट आए थे, लेकिन वापस घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच आज सुबह कोर्ट परिसर में उनका शव मिलने से हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से मोबाइल फोन और कुछ नकदी मिली। पुलिस ने मोबाइल से वीडियो कॉल कर उनके बेटे राकेश कुमार भंडारी से संपर्क किया, जिन्होंने शव की पहचान अपने पिता के रूप में की।
राकेश ने पुलिस को बताया कि उनके पिता खाना बनाने के काम से मंगलवार को बालाघाट आए थे। उनकी आखिरी बार दोपहर में बात हुई थी। परिवार के अनुसार, नारायण किसी परेशानी में नहीं थे, इसलिए यह घटना समझ से परे है।
मामले में संदेह भी जताया जा रहा है। बताया गया है कि शव फंदे पर लटका था, लेकिन दोनों घुटने मुड़े हुए थे और एक हाथ पास की दीवार पर रखा हुआ था। इस वजह से पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा।