सतना। नगर निगम में पदस्थ तत्कालीन प्रभारी सहायक आयुक्त हरिमित्र श्रीवास्तव के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर सिटी कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। वर्तमान में वे नगर निगम सिंगरौली में राजस्व अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय दुकानों की अवैध बिक्री करने और राशि का गबन कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
यह कार्रवाई नगर निगम के राजस्व अधिकारी यूसुफ खान की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निरस्त दुकानों का किया आवंटन
एफआईआर के अनुसार, जब हरिमित्र श्रीवास्तव सतना नगर निगम में प्रभारी सहायक आयुक्त थे, तब उन्होंने नियमों के विरुद्ध सिंधी कैंप सब्जी मंडी की दुकान क्रमांक 58 और 77 का आवंटन किया। ये दोनों दुकानें पहले ही निरस्त की जा चुकी थीं। इसके बावजूद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर 30 सितंबर 2024 को मनोज धामेचाई के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई।
राशि जमा नहीं कराने का आरोप
दुकान क्रमांक 58 की कीमत 4.25 लाख रुपए और दुकान क्रमांक 77 की कीमत लगभग 4.04 लाख रुपए बताई गई है। आरोप है कि इन दोनों दुकानों से प्राप्त राशि को नगर निगम के खाते में जमा नहीं कराया गया, जिससे शासन को वित्तीय क्षति हुई।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
कार्रवाई न होने पर संबंधित व्यक्ति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। 30 अप्रैल को हुई सुनवाई में शासकीय अधिवक्ता ने समय मांगा, जिस पर न्यायालय ने 11 मई 2026 तक का समय दिया। इसके बाद ही पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।