ग्वालियर - झांसी रोड थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। जबलपुर के एक निजी अस्पताल में काम करने वाले युवक की शादी जिस युवती से कराई गई, वह पहले से शादीशुदा निकली। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शादी में लड़की का भाई बनकर शामिल हुआ व्यक्ति ही उसका असली पति निकला।
पीड़ित रतन शर्मा ग्वालियर के नाका चंद्रवदनी इलाके के रहने वाले हैं और जबलपुर के एक निजी अस्पताल में इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर के पद पर काम करते हैं। परिवार में सभी भाइयों की शादी नहीं हुई थी, इसलिए घरवाले रिश्ते की तलाश कर रहे थे।
पड़ोसी ने कराया रिश्ता
पड़ोसी सोनू तिवारी ने रतन के परिवार को बताया कि उसका दोस्त सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल के लिए रिश्ता ढूंढ रहा है। परिवार ने लड़की की फोटो देखी और रिश्ता तय कर दिया।
इसके बाद 27 अप्रैल को रिश्ता तय होने की रस्म हुई और 7 मई को ग्वालियर के एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई। शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च किए गए।
व्हाट्सऐप चैट से खुला राज
शादी के बाद दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से चैट करती रहती थी। शक होने पर रतन ने उसका मोबाइल चेक किया। व्हाट्सऐप चैट देखने के बाद पता चला कि लड़की का भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही उसका असली पति है। दोनों ने साल 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में शादी की थी।
जेवर और नकदी ठगने की थी साजिश
रतन और उनके परिवार को समझ आया कि यह पूरा गिरोह शादी के नाम पर ठगी करने की योजना बना रहा था। इसके बाद परिवार दुल्हन को लेकर झांसी रोड थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।
7 लोगों पर मामला दर्ज
पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह पहले भी कई लोगों को शादी के नाम पर ठग चुका है।